Expressing tiredness 😤 on weekend 😇
चाय तो बनती है। ☕ बहुत देर हो गयी, सुबह से शाम हो गयी, भरपूर थकान हो गयी, संवारी थी जो शख्सियत वो आम हो गयी, खुशबू से ही मैं बाग-बाग हो गयी, अब चाय तो बनती है। फ्लेवर में मिल जाए अदरक, मिट जाए जिससे सारा सिरदर्द, मिलावट में भले ही थोड़ा पानी हो, 'तलप' लगने पर ना मिले तो परेशानी हो, बिन कहे ही मिल जाए तो वाहवाही हो, अब चाय तो बनती है। ~ लक्षिता उपाध्याय